Brahma Sutras 5.28
आत्मनि चैवं विचित्राश्च हि ॥
atmani chaivam vichitrah cha hi
And in the Self too, diverse powers are found.
और आत्मा (= ब्रह्म) में इसी प्रकार विचित्र (विविध) शक्तियाँ हैं — यह [श्रुति में] स्पष्ट [कहा गया] है ॥
Ancient wisdom, verse by verse.
आत्मनि चैवं विचित्राश्च हि ॥
atmani chaivam vichitrah cha hi
And in the Self too, diverse powers are found.
और आत्मा (= ब्रह्म) में इसी प्रकार विचित्र (विविध) शक्तियाँ हैं — यह [श्रुति में] स्पष्ट [कहा गया] है ॥