Chandogya Upanishad 5.89
यथेह क्षुधिता बाला मातरं पर्युपासत एवँ सर्वाणि भूतान्यग्निहोत्रमुपासत इत्यग्निहोत्रमुपासत इति ॥ ५ ॥
5.24.5 — yatheha kshudhita bala mataram paryupasata evan sarvani bhutanyagnihotramupasata ityagnihotramupasata iti || 5 ||
'जैसे यहाँ भूखे बालक माता के चारों ओर बैठते हैं — वैसे ही समस्त भूत अग्निहोत्र की उपासना करते हैं, अग्निहोत्र की उपासना करते हैं।'